*मेहनत सीढियों की तरह*
*होती हैं💪*
*और*
*भाग्य लिफ्ट की तरह ......👆*
*किसी समय लिफ्ट तो बंद हो*
*सकती हैं*
*लेकिन ....*
*सीढियाँ हमेशा उँचाई की*
*तरफ ले जाती हैं। ।*
*वक़्त के भी अजीब किस्से हैं;* *किसी का कटता नहीं;* *और;* *किसी के पास होता नहीं* । *वक़्त;* *दिखाई नहीं देता है;* *पर;* *बहुत कुछ दिखा देता है ।* *अपनापन तो हर कोई दिखाता है;* *पर अपना कौन है ये वक़्त दिखाता है ।* *शुभ प्रभात*
👌 *अर्थ बड़े गहरे हैं*🌸 🌹🌱🌹🌱🌹🌱🌹🌱🌹🌱🌹🌱🌹🌱 *मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है ....*!!! *उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है .. !!!* *वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का .. होता था गुमान..*!!! *उनको भी .. पाँव उठाने के लिए .. सहारे को तरसते देखा है !!!* *जिनकी .. नजरों की .. चमक देख .. सहम जाते थे लोग ..*!!! *उन्ही .. नजरों को .. बरसात .. की तरह ~~ रोते देखा है .. !!!* *जिनके .. हाथों के .. जरा से .. इशारे से .. टूट जाते थे ..पत्थर ..*!!! *उन्ही .. हाथों को .. पत्तों की तरह .. थर थर काँपते देखा है .. !!!* *जिनकी आवाज़ से कभी .. बिजली के कड़कने का .. होता था भरम ..*!!! *उनके .. होठों पर भी .. जबरन .. चुप्पी का ताला .. लगा देखा है .. !!!* *ये जवानी .. ये ताकत .. ये दौलत ~~ सब कुदरत की .. इनायत है ..*!!! *इनके .. रहते हुए भी .. इंसान को ~~ बेजान हुआ देखा है ... !!!* *अपने .. आज पर .. इतना ना .. इतराना ~~ मेरे .. यारों ..*!!! *वक्त की धारा में .. अच्छे अच्छों को ~~ मजबूर हुआ देखा है .. !!!* *कर सको..तो किसी को खुश करो...दुःख देत...
*एक समय था जब " मंत्र " काम करते थे !* *उसके बाद एक समय आया जिसमें " तंत्र " काम करते थे...* *फिर समय आया जिसमे " यंत्र " काम करते थे !* *और आज के समय में कितने दुःख की बात है,* *सिर्फ* *" षड्यंत्र " काम करते है...!!!* *जब तक "सत्य " घर से बाहर निकलता है.......!* *तब तक " झूठ " आधी दुनिया घूम लेता है...!!*
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